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दोस्तो, मेरा नाम अरविंद है, मैं 40 साल का हूँ.

मेरी बीवी की चूत में मूली का मजा

हैलो, मेरा नाम नवीन है, मैं झाँसी में रहता हूँ और एक बिज़नेसमैन हूँ. मेरी पत्नी आशा एक हाउस वाइफ है. आशा का रंग गोरा है, उसका 35-28-40 का फिगर बहुत ही सेक्सी लगता है. आशा जब अपनी गांड मटका कर चलती है, तो मेरा दावा है कि उसकी उछलती गांड देख कर अच्छे अच्छों के लंड का पानी निकल जाएगा.

मैं और आशा बहुत ही अच्छे पति पत्नी हैं. हमारी लव मैरिज हुयी है. हम दोनों ही एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत ही अच्छी है.

यह बात हमारी शादी के टाइम की है. हम दोनों शादी से पहले भी बहुत बार चुदाई कर चुके थे, इसलिए हम लोगों में कोई शर्म नहीं थी. हम दोनों ने तय किया था कि हम अपनी सुहागरात ब्लू फिल्म देख कर सेलिब्रेट करेंगे और चुदाई भी बिल्कुल ब्लू फिल्म के जैसे ही करेंगे.

अब वह समय आ चुका था. सुहागरात में जब आशा कमरे में सेक्सी नाइटी में मेरा इंतज़ार कर रही थी. मैं जैसे ही कमरे में पहुंचा, वैसे ही आशा मुझसे लिपट गयी.
मैंने कहा- सब्र रखो यार.
पर उससे कंट्रोल नहीं हो रहा था. वो मेरी बात को अनसुना करते हुए मेरा लंड निकाल कर हिलाने लगी.

आशा को मुँह में लंड लेना अच्छा नहीं लगता था तो वह लंड मुँह में नहीं लेती थी. वो कहती थी कि लंड चूसने में बदबू आती है.

जब वह लंड हिला रही थी, तो मेरा भी दिमाग खराब होने लगा और मैंने उसको बिस्तर पर पटक दिया. मैं उसे किस करने लगा.
आशा गरम सिसकारियां लेने लगी.

तभी मैंने उससे कहा कि जान आज हमें ब्लू फिल्म की तरह करना था, जैसे उसमें होगा वैसे ही हम करेंगे.
उसने कहा- पहले एक बार डाल दो, फिर वैसे ही करेंगे.
पर मैंने उसकी बात नहीं मानी और ब्लू फिल्म लगा दी.

ब्लू फिल्म में दो लड़के एक लड़की को चोद रहे थे, तो आशा बोली- ले यार … यह क्या लगा दिया अब क्या में दो लंड से चुदूँगी?
मैंने हंस कर कहा- अगर तुम्हारा मन हो, तो मुझे कोई ऐतराज नहीं है.
पर आशा मना करने लगी- नहीं यार, किसी को पता लग गया या उस लड़के ने बात फ़ैला दी तो कितनी बदनामी होगी.
तभी मैं समझ गया कि इसका मन दो लंड से चुदने का है.

मैंने उसे गरम करते हुए कहा- देखो मेरा एक दोस्त है जो तुम्हें चोद भी देगा और किसी से कहेगा भी नहीं. और वह झांसी से बाहर का रहने वाला है, तो वह अपना काम करके वापिस चला जाएगा. तुम एक साथ दोनों छेदों की चुदाई का मज़ा लेना चाहती हो, तो आज प्रैक्टिस कर लो. मैं मूली ले आता हूँ. उसको तुम्हारी चुत में पेल दूंगा और लंड को तुम्हारी गांड में डाल दूंगा.
उसने झट से हां कह दी.

मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि आशा ने हाँ कह दी, पर मैंने सोचा इसका मन है तो इसको कर लेने दो.
फिर मैं एक मूली ले आया और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.

कुछ ही देर में मैंने एक झटके में उसकी नाईटी उतार कर फेंक दी और ऊपर से ही उसकी चुत पर हाथ घुमाने लगा. मैं उसके गले पर किस करते हुए उसके मम्मों पर आ गया. मैंने एक झटके मैं आशा की ब्रा उतार कर फेंक दी और मम्मों को चूसने लगा.

आशा को मैंने इतना एक्साइटेड पहले कभी नहीं देखा था, पर शायद दूसरे लंड के बारे में सोचने से वह ज्यादा गरम हो रही थी. उसने अचानक मुझे नीचे कर दिया और मेरे ऊपर आकर मेरे कपड़े उतारने चालू कर दिए.

फिर वो मुझे किस करने लगी. वो मेरे होंठ से लेकर गले पर चूमे जा रही थी. उसके होंठ मेरे सीने पर चलने लगे थे.. और फिर वो मेरे पेट पर आकर मुझे चूमने लगी. वो जीभ से मेरी नाभि को कुरेदते हुए किस करने लगी. मेरा तो इतने में ही पानी निकलने वाला था. तभी मैंने उसको रोका. वो कामुक निगाहों से मुझे देखने लगी. इस वक्त वो एक बड़ी ही चुदासी रंडी सी लग रही थी.

मैंने उसे चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. मैं उसको किस करने लगा और ऊपर से नीचे आते हुए मैंने ओने दांतों से उसकी पैंटी खींचते हुए उतार फेंकी. उसकी शेव्ड गुलाबी चूत देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया और मैंने उसकी चूत मैं अपने जीभ लगा दी.

वह मादक सिसकारियां लेने लगी. उसने अपनी चूत पर कोई महक लगाई हुई थी जिससे उसकी चूत को चूसने में मुझे मीठा सा स्वाद मिल रहा था. मैंने करीब दस मिनट तक उसकी चूत चाटी. उसकी चूत में मैं अपनी जीभ को नुकीली करके अन्दर तक घुसेड़ रहा था. उसकी चूत में इतना अधिक रस भर गया था कि मुझे अपनी जीभ में नमकीन मलाई सी आती महसूस हो रही थी.

उसने अपनी टांगें एकदम से फैला दी थीं और वो अपनी गांड उठा कर मेरे मुँह पर चूत को मारे जा रही थी. उसका बदन एकदम से गरम हो गया था और उसके मुँह से बड़बड़ाती सी आवाजें निकल रही थीं- आह खा ले मेरी जान.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… मेरी चूत बहुत प्यासी है.. आह.. और अन्दर तक चूस ले.. आह.. मैं मर गई.. ईई.. मैं गई जानू.
यह कहते हुए आशा एक बार झड़ गयी. मैं उसकी चूत का सारा माल चाट गया.. मैं उसकी चूत को जब तक चाटता रहा, जब तक उसकी चूत एकदम क्लीन नहीं हो गई.

अब मैंने उससे कहा कि चल यार अब सिक्स नाइन की पोजीशन में आ जाओ.. अब मैं तुम्हारी गांड चाटना चाहता हूँ.
पर आशा कहने लगी- मैं मुँह में नहीं लूंगी.
मैंने कहा- तुम मत लेना, पर मुझे तो चाटनी है. तुम अपनी गांड मेरे मुँह पर रख दो.

वो झट से राजी हो गई और उसने अपनी गांड मेरे मुँह पर रख दी. उसकी गांड का छेद मैंने चाट चाट कर बड़ा कर दिया. इस बीच उसका मुँह मेरे लंड की तरफ आ रहा था, पर उसने खुद से रोक ही लिया. शायद वह लंड को अपने मुँह में लेना ही नहीं चाहती थी.

फिर दस मिनट गांड चाटने के बाद मैंने उससे कहा- अब तुम घोड़ी बन जाओ, यह मूली चूत में ले लो.. और मैं लंड तेरी गांड में डालूँगा.

वो झट से घोड़ी बन गयी. मैंने पहले उसकी चुत में मूली डालनी चालू की तो वह चिल्लाने लगी और मूली के लिए मना करने लगी.
मैंने कहा- जब एक साथ दो लंड लेना है, तो ले न … अब अब क्यों गांड फट रही है.
वो बोली- लंड की बात अलग होती है.
मैंने उसको बताया- मेरे दोस्त का नौ इंच का लंड है, ऐसा मूली जैसा ही लगेगा जब वो तेरी चुत में जाएगा.

अचानक पता नहीं क्या हुआ और उसको दर्द होना बंद हो गया. वो दस इंच की मूली पूरी अपनी चूत में ले गयी. शायद उसने मेरे दोस्त का नौ इंच का लंड इमेजिन कर लिया था.
उसकी चूत में घुसी हुई मूली बिल्कुल ऐसी लग रही थी जैसे मेरी बीवी की चूत न होकर सफेद रंग का लंड लगा है.

मैंने मजा लेते हुए उसकी गांड में थोड़ा थूक लगाया और उसकी गांड पर लंड को सैट करते हुए डाल दिया. वह गांड मरवाने की बहुत शौक़ीन है, पहले भी वो मुझसे बहुत बार अपनी गांड मरवा चुकी है. इसलिए उसको गांड में लंड लेते समय दर्द नहीं होता.

मैंने करीब दस मिनट तक उसकी गांड मारी. जब मैं उसकी गांड मार रहा था. तो वो उस वक्त दो लंड एक साथ लेने की रियाज कर रही थी. वो अपने हाथ से ही अपनी चूत में मूली को अन्दर बाहर कर रही थी.

कुछ मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और सीधे लेट गए.
मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?
उसने कहा- मुझे बहुत अच्छा लगा, पर तुम्हारा दोस्त होता तो और मज़ा आता. जब एक तरफ से तुम.. और दूसरी तरफ से वह मुझे चोद रहा होता.
मैंने उसकी चूची मसलते हुए कहा- अगली बार तुम्हारी यह ख्वाइश भी पूरी हो जाएगी मेरी जान.

फिर उस रात हम दोनों ने चार बार मूली और लंड से एक साथ चुदाई की. एक बार तो मैंने उसकी गांड में मूली और चूत में अपना लौड़ा डाला. उसकी गांड में लम्बी मूली डालने से उसकी हालत ख़राब हो गयी.

इसका मस्त चुदाई की कहानी का अगला भाग मैं आपको बाद में बताऊंगा कि कैसे मेरी पत्नी आशा ने मेरे दोस्त का लंड अपनी चूत और गांड में लिया.
आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे कमेंट करके जरूर बताएं.

Related Tags : कामवासना, गांड, डिल्डो, सुहागरात की चुदाई की कहानी
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