Search

You may also like

secret
412 Views
सेक्सी आंटी की होटल में चुदाई
Indian Biwi Ki Chudai हिंदी सेक्स स्टोरीज

सेक्सी आंटी की होटल में चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम रुचित है और मेरी उम्र 24 साल

star
900 Views
मेरी बहन की जवानी की प्यास
Indian Biwi Ki Chudai हिंदी सेक्स स्टोरीज

मेरी बहन की जवानी की प्यास

कामुक्ताज डॉट कॉम के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार. मेरा

1511 Views
मेरी ड्रीमगर्ल की सीलतोड़ चुदाई
Indian Biwi Ki Chudai हिंदी सेक्स स्टोरीज

मेरी ड्रीमगर्ल की सीलतोड़ चुदाई

न्यूड गर्लफ्रेंड सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मेरी दोस्ती

चूत का क्वॉरेंटाइन लण्ड से मिटाया -1

किसी काम से मेरे पति गाँव गए और लॉकडाउन हो गया. वे वहीं रह गये. मेरी चूत जैसे क्वॉरेंटाइन हो गयी. चूत को लंड चाहिए था. तो मैं कैसे और किससे चुदी?

नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब, मुझे तो पहचान गए होंगे, काफ़ी समय के बाद कामुक्ताज डॉट कॉम पर कहानी लेकर आई हूं,
अरे हाँ, वही आपकी शालिनी भाभी, जयपुर वाली
अरे हाँ मेरे जनाब, लेडी राउडी राठौड़!

उम्र – ना ना मर्दो को मेरी उम्र नहीं पूछनी चाहिए! उम्र जान कर क्या करोगे!

आपको तो मेरा बदन बता देती हूं. उम्र का परिमाप आप खुद लगा ही लेंगे इतना तो मुझे पता है।

2 बच्चों की माँ जरूर हूँ लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बदन को ढीला पड़ने दिया. मैं शर्त लगा कर कह सकती हूं आज भी आपके लण्ड को 90 डिग्री पर खड़ा करने की आग है मुझमें!

मेरा साइज 36-30-36 है, जिम तो पति देव ने बोल रखा है रोजाना जाने को तो जिम में भी हाथ आजमा लेती हूं।

लेकिन मैं वादे के साथ कह सकती हूं औरतों का शरीर जिम से सेक्सी और कातिल नहीं बनता; बल्कि नए नए लौड़े खाने से और उन नए नए लौड़ों का अमृत पीने से बनता है।

और मेरा शरीर इतना सेक्सी क्यों है?
आप जानते हो अच्छी तरह!
मैंने कितने नए-नए लौड़े खाए हैं, यह सब आप मेरी कहानियों में पढ़ चुके हैं।

मैं काफी समय बाद कहानी लिख रही हूं. इतने समय में मेरे पास आपको बताने के लिए बहुत सारी कहानियां हैं.

क्योंकि इतने समय में आप अनुमान लगा सकते हैं कि मैंने कितने नए लोगों को अपनी चूत के महासमुद्र में गोते लगाने दिए होंगे?
और कितने ही नए-नए ताजा-ताजा कड़क लौड़ों का अमृत पिया होगा।

मेरी कहानियों को पढ़कर मेरे चाहने वालों के हजारों मेल और मैसेज आते हैं, मैं सब का रिप्लाई नहीं दे पाती.
जहां तक हो सकता है सब का रिप्लाई देने की कोशिश करती हूं.
फिर घर और परिवार भी संभालना पड़ता है तो सबको रिप्लाई नहीं दे पाती।

इस कहानी के बाद कोशिश करूंगी कि सभी को रिप्लाई दूं.
पर मेरा रिप्लाई पाने के लिए आपको अपने मेल में अपने लौड़ों, हथियार या लण्ड जो भी आप कह लो कि फोटो भेजनी पड़ेगी. तो ही आपको अपने मेल का रिप्लाई मिलेगा.
और हाँ जनाब … फ़ोटो अपने हथियार की ही भेजना, दूसरे के हथियार से अपनी मर्दानगी साबित मत करना।

चलो! आपको ज्यादा बोर नहीं करते हुए सीधा कहानी पर आती हूं.

वैसे तो कहानियां बहुत है क्योंकि इतने समय में मैंने बहुत से लोगों के लौड़ों का घमंड तोड़ा है.
फिर भी आपको हाल ही में हुई एक घटना पर लेकर आती हूँ जो इसी कोरोना काल में मेरे साथ हुई।

आपको तो पता है, चाहे मर्द हो चाहे औरत हर एक व्यक्ति के जीवन में एक उसका राजदार होता है जो उसके जीवन में घटित हर घटना का राज जानता है.
वैसे ही मेरे जीवन में मेरी सबसे बड़ी राजदार थी मेरी ‘सुमन भाभी’
वो मेरे बड़े भाई की पत्नी थी और मेरे पीहर जोधपुर में मेरे मां-बाप और भाई और बच्चों के साथ में रहती थी।

सुमन भाभी मेरी सबसे बड़ी राजदार, जिनको मेरे बारे में हर चीज पता थी कि मैंने कौन सा लौड़ा दिन में लिया!
कौन सा लौड़ा रात में लिया?
कौन सा लौड़ा कार में लिया और कौन सा होटल में?

कोरोना का काल चल रहा है और इसी दरमियान मेरे परिवार पर भी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा.

हमारा परिवार जयपुर शहर में रहता है जबकि मेरे ससुराल के गांव जो जयपुर के पास ही पड़ता है.

वहां पर मेरे परिवार में मेरे ससुर के छोटे भाई के बेटे यानि मेरे एक देवर की शादी थी.
शादी की तारीख 3 महीने पहले ही 27 मार्च तय हो चुकी थी. मेरे सास-ससुर और मेरे पति गाँव में गए हुए थे. जबकि अप्रैल में बच्चों के एग्जाम की वजह से मुझे जयपुर में ही बच्चों के पास रुकना पड़ा.

मेरे सास-ससुर और पति सब गांव में थे और सरकार ने अचानक संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया. और जो जहां था वहीं रह गया.
शादी तो जैसे तैसे कम बाराती ले जाकर कर दी.

लेकिन अब जयपुर वापस आना था तो दिक्कत हो गई … जगह जगह पुलिस लगी हुई थी और मेरा परिवार गांव में फंस कर रह गया और मैं अकेली जयपुर में बच्चों के साथ रह गई.

2 महीने से ज्यादा हो गए उनको वहां फंसे हुए!
और यहां मुझे भी 2 महीने से ज्यादा हो गए चुदाई किये हुए!
ऐसा लग रहा था कि जैसे सरकार ने चुदाई पर भी लॉकडाउन लगा दिया है और चूत को कोरोना से बचाव के लिए ‘क्वॉरेंटाइन’ कर दिया है.

मेरी जैसी औरतों के लिए 2 दिन भी बिना चुदाई के निकालने मुश्किल होते हैं और यहां 2 महीने से ज्यादा हो गए बिना चुदाई के!
तो मेरी हालत अब खराब होने लग गई थी. मुझे किसी भी तरह अब अपनी चूत के लिए एक लौड़ा चाहिए था … मेरी चूत की आग मुझे रात दिन सोने नहीं दे रही थी.

मैं दिन भर अपनी चूत के बारे में सोचती थी. चुदाई के लिए मेरा दिमाग खराब हो चुका था. हर समय गंदे गंदे ख्याल मन में आते थे.
पूरे दिन मैं लौड़े के जुगाड़ में चूत में उंगली करती रहती थी.

ऐसे तो मुझे चोदने वालों की लाइन लगी है.
लेकिन मैं भी इस कोरोना के काल में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी.
मैं किसी भरोसेमंद आदमी के साथ ही यह सब करना चाहती थी और ऊपर से कोरोनावायरस का भी डर था.

और उधर मेरे पति की तबीयत खराब हो चुकी थी, उनको बुखार और खांसी ने जकड़ लिया था.
मेरे पति किसी तरह पुलिस परमिशन (पास बनवा कर) लेकर सास ससुर को कार से जयपुर लेकर आये.

आते ही उन्होंने हॉस्पिटल जाकर कोरोना का टेस्ट करवाया … 2 दिन तक अलग रूम में रहे.

मेरा मन कर रहा था कि अभी पति के पास जाकर उनसे लिपट जाऊं और उनकी गोद में बैठ जाऊं नंगी होकर … लेकिन पति की तबीयत सही नहीं थी और वह अलग रूम में क्वॉरेंटाइन हो गए.

2 दिन बाद जब पति की कोरोना रिपोर्ट आई तो वो पॉजिटिव निकले. सबसे पहले मेरे पति को कोरोना हो गया और मेरे पति से मेरे सास और ससुर को भी कोरोना हो गया.
सबको हमारे घर जयपुर में ही होम आइसोलेट कर दिया गया.

तो मेरे पति ने बोला- कहीं बच्चों और तुम्हें भी कोरोना ना हो जाए इसलिए तुम अपने पीहर जोधपुर चली जाओ।
तो मैंने तुरंत सुमन भाभी को फोन किया और बोली- घर में बहुत बड़ी मुसीबत हो गई है मुझे तुरंत बच्चों को लेकर जोधपुर आना पड़ेगा.

भाभी ने कहा- तुम तुरंत जोधपुर आ जाओ। मैं अपने भाई विजय को तुम्हें लेने के लिए भेज देती हूं.
और उसी शाम को भाभी का भाई विजय अपनी कार लेकर मेरे ससुराल पहुंच गया।

मैंने खुद का और अपने बच्चों का सामान पहले ही पैक किया हुआ था और तुरंत पति की परमिशन लेकर विजय के साथ कार में सवार हो गई।
अपने बच्चों को मैंने कार में पीछे बैठाया और खुद विजय के बराबर आगे बैठ गई और जयपुर से जोधपुर के लिए हम रवाना हो गए।

हम दोनों एक दूसरे को देख कर बहुत खुश हुए।

मैं जानती थी कि विजय तो भाई की शादी के समय से ही मेरा दीवाना है.

वैसे उसका गांव तो बहुत दूर था लेकिन वह रहता जोधपुर में ही अपनी बहन के यानि मेरी भाभी के पास ही था.
उसने मेरे पीहर से थोड़ी ही दूर पर मकान किराए पर ले रखा था जिसमें वह अकेला रहता था और जोधपुर में ही रहकर जॉब करता था.

मुझे भी विजय बहुत पसंद था।
आखिर विजय था भी तो बहुत स्मार्ट।

लेकिन इस बात का इजहार मैंने कभी विजय को नहीं होने दिया कि मैं भी उसे पसंद करती हूं.

लगभग छ: फुट का हट्टा कट्टा नौजवान था विजय।
बाकी लड़कियों का तो पता नहीं पर मैं तो विजय पर फ़िदा थी।
यह अलग बात है कि ना तो मैंने और ना ही विजय ने कभी अपनी चाहत का इज़हार किया था।

विजय की भी शादी हो चुकी थी और वो सुखी जीवन व्यतीत कर रहा था।

खैर विजय को देखते ही मेरे मन में हलचल होने लगी थी और चूत भी खुशी के आँसू टपकाने लगी थी और मेरी पेंटी को गीला करने लगी थी।
आखिर पूरी चुदक्कड़ जो बन चुकी थी मैं!

पूरे रास्ते में और विजय बातें करते रहे.
विजय भी मुझे बहुत पसंद करता था और गाड़ी का गियर बदलने के बहाने बार-बार मेरी टांगों को और हाथ टच करने की कोशिश करता लेकिन साथ में बच्चे भी थे तो वह शायद डर भी रहा था।

विजय ने कई बार मेरी भाभी को भी बताई थी कि वह मुझे बहुत पसंद करता था और फ्रेंडशिप करना चाहता है, जिसमें सुमन भाभी उसकी मदद करें।
यह बात भाभी ने भी मुझे कई बार बोली थी कि विजय तुझ से फ्रेंडशिप करना चाहता है तो कर क्यों नहीं लेती फ्रेंडशिप?

मैंने भाभी को कई बार बोला- भाभी आप कैसी बात करती हो? विजय खुद शादीशुदा है और मैं भी शादीशुदा हूं. और वह आपका भाई है तो आप उसके साथ क्यों मेरी दोस्ती करवाना चाहती हैं?
तो भाभी ने बोला- शादीशुदा है तो क्या हुआ? वह तुझे चाहता है, तुझे केवल फ्रेंडशिप ही तो करनी है बाकी कुछ करना या न करना तेरी मर्जी।

मैंने भाभी को बोला- ठीक है. मैं इस बारे में सोच कर बताऊंगी.
लेकिन मैं हर बार भाभी की बात टालती रहती थी.

पसंद तो मुझे भी विजय बहुत समय से था. लेकिन मैं घर में ही दोस्ती करके कोई नई आफत मोल नहीं लेना चाहती थी. डर भी रही थी कि कहीं रिश्तेदारी में किसी को पता ना चल जाए.

हम 6 घंटे के सफर के बाद मेरे पीहर यानि जोधपुर पहुंच गए और मैं सब से मिलकर बहुत खुश हुई.

शाम को हम सब ने खाना खाया और बहुत सारी बातें की.

लेकिन रात होते ही मुझे हल्का सा बुखार आ गया और मेरा सर दर्द करने लगा.
शायद सफर की वजह से थकावट आ गई थी शरीर में।

सुबह भी मुझे हल्का बुखार था तो भाई ने तुरंत बोला- जीजाजी को और तुम्हारी सास ससुर दोनों को भी कोरोना हो गया है. तुम भी उनके साथ रही तो तुम्हें भी जांच करवा लेनी चाहिए.

मुझे भाई का यह सुझाव अच्छा लगा, मैं तुरंत विजय के साथ अपनी कोरोना जांच करवाने पहुंच गई और कोरोना जांच करवाई.
डॉक्टर ने बोला- मेडम आपकी जांच रिपोर्ट 2 दिन बाद आएगी, आपके फ़ोन पर पॉजिटिव या नेगिटिव रिपोर्ट का मैसेज आ जाएगा.

यह सुनते ही मुझे झटका लगा कि रिपोर्ट 2 दिन बाद आएगी. तब तक अगर परिवार वालों के साथ रही तो मम्मी, पापा भैया भाभी और हम सबके बच्चों को भी खतरा है.

मैं अचानक सोच में पड़ गई कि घर पर 2 दिन रहना बहुत खतरनाक हो सकता है. क्योंकि घर पर मेरे बुजुर्ग माता-पिता, भाई-भाभी, भाभी के बच्चे और मेरे बच्चे सब थे. तो सब को खतरे में डालना मुझे सही नहीं लग रहा था।

मैंने तुरंत सुमन भाभी को फोन किया तो भाभी ने कहा- तुम ऐसा करो, विजय के घर पर चली जाओ. और जब तक तबीयत सही नहीं हो तब तक वहीं होम आइसोलेट हो जाओ. विजय तुम्हारी देखभाल कर लेगा।

मेरे मम्मी और पापा ने भी मुझे यही करने को बोला क्योंकि उनके लिए भी विजय भरोसे का आदमी था. तो मेरा वहां रहना उनके लिए सेफ भी था और पूरे परिवार के लिए भी सुरक्षित।

मैंने बिना देर किए विजय को बोला- विजय, सुमन भाभी ने और सबने मुझे तुम्हारे साथ तुम्हारे घर पर रहने को बोला है जब तक मेरी तबीयत सही नहीं हो जाए।

विजय तो यह सुनकर जैसे खुशी के मारे उछल ही पड़ा!
वह तुरंत मेरा हाथ पकड़ कर बोला- तो शालू, चलो मेरे ही घर पर चलते हैं। और मैं तुम्हारी ऐसी सेवा करूंगा कि तुम मुझे जिंदगी भर भूल नहीं पाओगी. यह मेरा वादा है तुमसे!
और ऐसा कहकर मेरा हाथ दबा दिया।

और मुझे भी पता चल गया था कि अगर मैं विजय के साथ अकेली उसके घर पर रही तो मुझे इन दिनों में एक नया लौड़ा खाने को मिलने वाला है.

विजय अभी भी मेरे हाथ को पकड़े हुए था और मेरे हाथ को पकड़े हुए ही अपनी कार के पास ले गया और मुझे बोला- चलो शालू चलते हैं अपने घर पर!
उसने ‘अपने घर’ पर कुछ ज्यादा ही जोर दिया. जैसे वह बताना चाहता है कि हम दोनों पति पत्नी हैं और अपने घर पर चल रहे हैं।

मैं भी उसके कहे हुए वाक्य को अच्छी तरह समझ गई और उसके सामने देख कर मुस्कुरा दी.
शायद उसको भी पता चल गया कि उसकी कही हुई बात मैं समझ गई.
तो उसने भी मेरा हाथ दबा दिया और हम दोनों कार में बैठ गए और उसने कार अपने घर की तरफ बढ़ा दी।

मेरी कहानी पर अपने विचार मुझे अवश्य भेजें.

कहानी जारी रहेगी.

इस कहानी का अगला भाग : चूत का क्वॉरेंटाइन लण्ड से मिटाया- 2

Related Tags : अंग प्रदर्शन, इंडियन भाभी, कामवासना, गैर मर्द, हिंदी एडल्ट स्टोरीज़
Next post Previous post

Your Reaction to this Story?

  • LOL

    0

  • Money

    0

  • Cool

    0

  • Fail

    0

  • Cry

    0

  • HORNY

    0

  • BORED

    0

  • HOT

    0

  • Crazy

    0

  • SEXY

    0

You may also Like These Hot Stories

happy
1461 Views
पहली बार की चूत चुदाई स्कूल में
स्कूल कॉलेज सेक्स

पहली बार की चूत चुदाई स्कूल में

हाय दोस्तो, मेरा नाम हिमानी शर्मा है.. मैं 26 साल

357 Views
लॉकडाउन के बाद भाभी की ननद की चुदाई- 2
हिंदी सेक्स स्टोरीज

लॉकडाउन के बाद भाभी की ननद की चुदाई- 2

इंडियन चूत की सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे भाभी

starhappy
529 Views
मैं बहनचोद बना मुंह-बोली बहन को चोद कर
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी

मैं बहनचोद बना मुंह-बोली बहन को चोद कर

दोस्तो, मेरा नाम मुदित है। मैं फरीदाबाद का रहने वाला