Search

You may also like

614 Views
मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की दूसरी चुदाई
Group Sex Stories ग्रुप सेक्स स्टोरी तीन लोगों का सेक्स

मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की दूसरी चुदाई

दोस्तो उम्मीद करता हूँ कि आप लोग ठीक होंगे. आपने

happy
0 Views
दोस्त के भाई की शादी में सुहागरात
Group Sex Stories ग्रुप सेक्स स्टोरी तीन लोगों का सेक्स

दोस्त के भाई की शादी में सुहागरात

नमस्ते दोस्तो, इससे पहले कि मैं अपनी कहानी शुरू करूं,

3031 Views
फिरंगन चुत और देसी लंड की ताबड़तोड़ चुदाई
Group Sex Stories ग्रुप सेक्स स्टोरी तीन लोगों का सेक्स

फिरंगन चुत और देसी लंड की ताबड़तोड़ चुदाई

गोरी विदेशी लड़की की सेक्सी कहानी में पढ़ें कि मेरे

tongue

दिल्ली के कपल संग थ्रीसम सेक्स

दोस्तो, मेरा नाम सौरभ है, मैं पानीपत हरियाणा का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 28 साल है. मैं दिखने में स्मार्ट और क्यूट सा बन्दा हूँ, लेकिन मेरा औजार 7 इंच लम्बा और मोटा है.

ये कहानी मेरी और एक कपल की है. मैं एक एडल्ट साईट पर एक कपल से मिला और उनसे चैट करने लगा. वो कपल दिल्ली में रहते थे, शुरूआत में तो हमने एक दूसरे के बारे में पूछा, एक दूसरे की पसंद नापसंद पूछी. दूसरे दिन हमने एक दूसरे की फोटो शेयर की. उन्हें मैं पसंद आया और वो मुझे पसंद आ गए.

वो कपल 45 साल के उम्र के आसपास का कपल था और वे दोनों दिखने में स्मार्ट थे. फिर उन्होंने मुझे बगैर कपड़ों के फोटो के लिए कहा. मैंने बगैर कपड़ों के अपने फोटोग्राफ उन्हें भेजे और उनसे उनके नंगे फोटोग्राफ मेल करने को कहा. उन्होंने अगले दिन दोनों के फोटोग्राफ मुझे मेल कर दिए. लेडी थोड़ी स्थूल थी मगर सेक्सी थी. तब हमने आपस में मोबाइल नंबर शेयर किया. उन्होंने वीडियो चैट करके मिलने का प्लान बनाया.

उन्होंने मुझे अपने घर ही मिलने के लिए 4 दिन बाद बुलाया और मैं मान गया. मैं नर्वस भी था और खुश भी था कि आगे क्या होगा.

चार दिन बाद मैंने पानीपत से सुबह की बस पकड़ी और दिल्ली बस स्टैंड आ पहुंचा. दिल्ली आकर मैंने उन्हें फोन किया. उन्होंने मुझे अपना अड्रेस दिया. मैं मेट्रो पकड़ कर डेढ़ घंटे में उनके बताए अड्रेस पर पहुंच गया और घर के बाहर जाकर बेल बजाई. आदमी ने दरवाजा खोला. मैंने अपना नाम बताया, तो उसने हाथ मिलाकर मुझे अन्दर बुला लिया. मैं उसके साथ अन्दर चला गया. हम दोनों ड्राइंग रूम में बैठ गए. तभी उसकी वाइफ वहां आई और उसने भी मुझसे हाथ मिलाया. वो बहुत हॉट दिख रही थी. फिर वो कुछ लेने के लिए रसोई में चली गई. कुछ पल बाद वो कोल्डड्रिंक और कुछ खाने का सामान लेकर आई. हम लोग आपस में बातें करने लगे.

करीब 15 मिनट बाद वो आदमी उठा और बर्तन लेकर रसोई में चला गया. उस बीच वो लेडी मेरे पास आकर मुझसे बोली- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?
मैंने कहा- कोई नहीं है.
उसने पूछा- सेक्स का क्या अनुभव है?
मैंने कहा- मैंने बस अब तक ब्लूफिल्म्स देखी हैं और कामुक्ताज डॉट कॉम की देसी हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ी हैं.

कामुक्ताज डॉट कॉम का नाम सुनते ही वो लेडी एकदम से चहक उठी और बोली- वाह, तुम भी कामुक्ताज डॉट कॉम के फैन हो. मुझे सुबह से इसकी नई कहानी पढ़ने का एक नशा सा है.
मैंने कहा- हां मुझे उधर की देसी चुदाई की कहानी पढ़ने से बड़ी उत्तेजना होती है और मेरा मन किसी चूत को चोदने का करने लगता है.
लेडी ने मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए पूछा- फिर तुम क्या करते हो?

मैंने उसका हाथ अपने लंड की तरफ बढ़ता हुआ महसूस किया. जिससे मेरे लंड ने फूलना शुरू कर दिया. मैंने उसकी आंखों में आंखें डाल कर देखा तो उसने मेरे लंड को पकड़ लिया.
मैंने कहा- बड़ी चुदास चढ़ रही है.
वो बोली- हां मुझे तो चुदाई की भूख है, तुम्हारे अंकल को सुगर होने के कारण वे अब मुझे मजा नहीं दे पाते हैं.
मैंने कहा- तो बताओ प्रोग्राम शुरू करें?
वो बोली- हां चलो, कमरे में चलते हैं.
मैंने कहा- मुझे आज अपने लंड की सील खुलवानी है.
तब उसने मेरा हाथ पकड़ा और कहा- चिंता मत करो, तुम्हें आज मैं और तुम्हारे अंकल तुम्हें जन्नत की सैर करवा देंगे.

वो मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गई और मेरी शर्ट उतारकर मुझे छाती पर किस करने लगी.
तभी अंकल भी वहां आ गए और कहा- लो जी … इधर काम भी शुरू हो गया है.
वे भी अपने कपड़े उतारने लगे.
लेडी ने भी मेरी पैंट और अंडरवियर उतार दिया. मेरा 7 इंच का औजार खड़ा था और उधर अंकल भी अपना औजार हिला हिला कर खड़ा कर रहे थे.

लेडी ने मुझसे कहा- तुम मेरे कपड़े उतारो.
मैंने भी देर नहीं की, झट से उसकी कुर्ती उतार दी और सलवार का नाड़ा खोल दिया. अब वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी. मैंने उसके मम्मों पर किस करते हुए उसकी ब्रा उतार दी.

तभी अंकल भी अपना लंड हिलाते हुए लेडी को पीछे से किस करने लगे. मैंने एक हाथ लेडी की पैंटी में डाल दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा. इस वक्त आगे से मैं … और पीछे से अंकल लेडी को गर्म करने में लगे थे. वो बिल्कुल मस्त हो गई थी और हमारा साथ दे रही थी. अब तक अंकल का भी खड़ा हो गया था. अंकल का लंड लगभग 5.5 इंच का नार्मल सा लंड था, जबकि मेरा 7 इंच का और मोटा जवान लंड था.

हम दोनों ने लेडी को बेड पर लिटा कर उसकी पैंटी उतार दी. उसकी गोरी शेव की हुई फुद्दी बहुत मस्त लग रही थी. लेडी मेरा औजार पकड़कर हिलाने लगी और अंकल का औजार मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं लेडी के मम्मों को मुँह में लेकर चूस रहा था और हाथ से उसकी फुद्दी में उंगली कर रहा था. कसम से बड़ा मजा आ रहा था.

कुछ पल बाद उस लेडी ने मुझे ऊपर आने का इशारा किया. मैं भी खड़ा होकर उसकी फुद्दी पे अपना औजार रगड़ कर अन्दर डालने लगा. थोड़ा सा अन्दर जाते ही वो कामुक सिसकारियां लेने लगी और अंकल का औजार ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. मेरे लंड को बड़ी लज्जत मिल रही थी. लेडी भी अपनी गांड उठा उठा कर लंड को अन्दर तक ले रही थी.

उसकी इस चुदास से इस वक्त मुझसे भी रुका नहीं जा रहा था. मैं जोर जोर से झटके मारने लगा. अंकल वहाँ से हट गए. मैं उस लेडी को मजे से चोद रहा था. वो भी मेरा साथ दे रही थी.
लगभग 15 मिनट बाद हम दोनों का पानी निकल गया और हम दोनों शांत हो गए. हम दोनों बेड पर अलग होके लेट गए.

अब अंकल उठकर आए और अपनी वाइफ की चुत मारने लगे. उसकी वाइफ ने मेरा लंड पकड़ा और हिलाने लगी. अंकल कुल 3 मिनट बाद अपना पानी छोड़कर अलग हो गए.

इसके बाद लेडी उठकर बाथरूम गई और अपने आप को साफ करने लगी. दस मिनट बाद जब वो बाहर आयी, तो मेरे साथ बेड पर लेट गई. मेरा औजार दुबारा तैयार था. मैंने उसको फिर चोदना शुरू कर दिया. फिर से 15-20 मिनट की चुदाई के बाद हम अलग हुए लेडी बहुत खुश थी.

उसने कहा कि बहुत दिनों बाद उसे चुदाई का मजा आया है. उसके हसबैंड तो सिर्फ 2-3 मिनट की ही चुदाई कर पाते हैं. मैं अपने आपको शांत करने के लिए डिल्डो का इस्तेमाल करती हूँ.

ऑनलाइन फ्रेंड बना कर उनका ये पहिला तजुर्बा था, जो कि बहुत अच्छा रहा. अंकल उठ कर अपने कपड़े पहनने लगे और रसोई में चले गए. फिर वो जूस ले कर आए. मैं और लेडी दोनों ने नंगे ही लेट कर जूस पिया.

जूस पीने के बाद मैं लेडी संग झप्पी मार कर बेड पर लेट गया और उसे किस करने लगा. फिर कुछ देर बाद हम उठे और बाथरूम में गए और एकदूसरे को पानी से साफ करने लगे. मैं उसके गीले मम्मों को चूस रहा था. दस मिनट बाद हम बाहर आए और अपने कपड़े डालने लगे.

अब शाम के 4:30 बज रहे थे. मैंने उन्हें जाने के लिए कहा, तब लेडी ने मुझे 4000 रुपये दिए. मैंने रुपये लेने से मना किया, पर वो मानी नहीं और अगली बार मिलने का भी प्रॉमिस किया.

मैं वहां से ऑटो करके दिल्ली बसस्टैंड आया और वापिस पानीपत की बस में बैठ गया. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आज जो कुछ हुआ, वो अविश्वसनीय था. लेकिन जो कुछ भी हुआ वो मजेदार था.

ये हमारी पहली थ्रीसम चुदाई की कहानी है. गोपनीयता के लिए मैंने उनका नाम नहीं लिखा. अगली बार क्या क्या हुआ वो अगली कहानी में लिखूंगा.
कृपया नाम पते मांग कर शर्मिंदा न करें.

Related topics आंटी की चुदाई, बेचारा पति, रियल सेक्स स्टोरी, लंड चुसाई
Next post Previous post

Your Reaction to this Story?

  • LOL

    0

  • Money

    0

  • Cool

    0

  • Fail

    0

  • Cry

    0

  • HORNY

    0

  • BORED

    0

  • HOT

    0

  • Crazy

    0

  • SEXY

    0

You may also Like These Stories

691 Views
भाभी और उनकी सहेली की चूत गांड चुदाई-1
ग्रुप सेक्स स्टोरी

भाभी और उनकी सहेली की चूत गांड चुदाई-1

  दोस्तो, मेरा नाम चार्ली है. मैं कोल्हापुर, महाराष्ट्र का

0 Views
चुदक्कड़ चूतों ने किया मेरा गैंग बैंग- 2
ग्रुप सेक्स स्टोरी

चुदक्कड़ चूतों ने किया मेरा गैंग बैंग- 2

लड़कियाँ मुझे फार्म हाउस पर ले गयी थी. वहां पता

458 Views
जवान लड़की और आंटी की एक साथ चुदाई
हिंदी सेक्स स्टोरी

जवान लड़की और आंटी की एक साथ चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम हिमांशु है। मैं काशीपुर का रहने वाला