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मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरी गांड मारी. मैंने उसे सेक्स के लिए अपने घर में बुलाया था. लेकिन मुझे नंगी करके उसने मेरी चूत के बजाये मेरी गांड में लंड घुसा दिया.

गांड मारी कहानी के पिछले भाग
चुदाई के लिए स्मार्ट लड़के को पटाया
मैं बढ़िया से किसी दुल्हन की तरह सज संवर कर तैयार हो गई.
तब मैं अपने प्रियतम सागर का इंतजार करने लगी।

अब आगे की गांड मारी कहानी:

ठीक 8:00 बजे सागर का फोन आया. वह मेरे घर के बाहर खड़ा था.

मैं घर के गेट पर गई, मैंने उसको अंदर बुलाया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया.
पहले तो वह मुझे देखकर देखता ही रह गया और बोला- बहुत सेक्सी लग रही हो कसम से! किसी दुल्हन की तरह!
तो मैंने भी उसको उत्तेजित करने के लिए बोल दिया- हां मैं तुम्हारी ही तो दुल्हन हूं! और आज हमारी सुहागरात है।

माहौल बनाने के लिए मैंने पहले उससे कहा- चलो दारू पी जाए!
पर उसने मना कर दिया- मैं नहीं पीता.
मेरे बहुत जिद करने पर भी वह नहीं माना.

लेकिन वो बोला- तुम पियो, मैं तुम्हारे साथ बैठ जाऊंगा.

मैं डाइनिंग रूम में सोफे पर बैठ और सागर जो मेरे बाजू में बैठ गया और मैंने आधे घंटे में 2-3 पेग मारे.
अब मैंने सागर से बोला- चलो खाना खाया जाए!

टेबल पर मैंने खाना लगाया और हम दोनों ने साथ में खाया.

इस तरह 10 बज गए थे।
हम हमारे बेडरूम में आ गए.

कुछ देर इधर-उधर की बात करने के बाद हमारा मूड बन गया.
मैंने टीवी पर एक ब्लू फिल्म लगा दी.
उसको देखते ही देखते सागर का लौड़ा पूरा खड़ा हो गया और मेरा भी मन मचलने लगा।

सागर ने मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरे लाल होठों को अपने होंठ पर रखकर चूसने लगा.
तकरीबन 10 मिनट तक हम लोग ने खूब किस किया होठों पर!

इसके बाद सागर ने मेरी साड़ी हटाकर मेरे दूध को ऊपर से खूब मसला. उसके बाद मेरा ब्लाउज उतारकर और मेरी पूरी साड़ी उतार कर मुझे नंगी कर दिया.
अब मैंने भी उसको नंगा कर दिया.

वह मुझे अपनी बांहों में भर कर चूमने लगा. मैं भी मदहोश होकर उसका पूरा साथ देने लगी.
अब वह मेरी चूचियों से खेलता, दोनों चूचियों को बारी-बारी मुंह में देकर चूसता, हाथों से दबाता.

इसी तरह वह मेरी चूत को चाटने लगा.
जिसके बाद मैंने उसका लन्ड चूसा.

फिर उसने मुझे सीधा लिटाकर मेरी चूत में पर खूब सारा थूक डाला. फिर अपना लौड़ा सेट करके मेरी चूत में एक ज़ोर का झटका मारा जिससे मेरी आंखें फट कर बाहर सी आ गई.
लेकिन उसका लौड़ा मेरे चूत के अंदर नहीं गया था और मेरी दर्द के मारे जान निकलने लगी थी।

अब सागर बोला- चलो बॉन्डेज सेक्स यानि बांध के चुदाई का मजा लिया जाए!

उसने दुपट्टे से दोनों तरफ मेरे हाथ और दोनों पैरों को बांध दिया. इसके बाद उसने मेरी आँखों पर भी एक पट्टी बांध दी.

फिर एक बार मेरी चूत को अपने थूक से गीला करके अपना लन्ड ठेलने लगा।
अबकी बार जब मैं चिल्लाई तो सागर ने मेरी पैंटी मेरे मुंह में ठूँस दी.

अब वो मेरे चूत की खुदाई अपने मोटे लन्ड से करने लगा।
दर्द के मारे मेरी जान निकली जा रही थी लेकिन मैं ना तो उसको रोक सकती थी और ना ही कुछ बोल रही थी।

इसी तरह सागर ने काफी झटकों में अपना मोटा लन्ड मेरी चूत के पार किया. मेरी चूत से खून आ गया जिसको बिना साफ किये सागर अपनी पूरी रफ्तार में मुझे चोदे जा रहा था।

कुछ देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा दर्द की जगह!
तो अब सागर ने मेरे मुंह और आंख से कपड़ा निकाल दिया.

मैं ‘उफ़्फ़ हह यस आई लाइक इट … ओह्ह फ़क आह आह आह हह ओह्ह आह उफ़्फ़ … आहह हह उ ई मा और तेज़ और तेज़ आह आह!’ की सिसकारियाँ लेती रही।

काफी देर तक एक ही तरीके से मुझे चोदने के बाद सागर झड़ गया. सारा माल उसने मेरी चूत के मुंह पर निकाल दिया।

अब मैंने उठकर एक पैग और खींचा.

और जब कुछ देर बाद मौसम बना तो सागर बोला- अब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा।
ये बात सुन कर मेरी बहुत तेज़ फटी.
क्योंकि सागर का लन्ड साधारण लन्ड नहीं था. उसका लन्ड काफी लम्बा और मोटा था।

मैंने उसको मना कर दिया- मैं तुमसे गांड नहीं मरवा सकती क्योंकि इतना मोटा मेरे अंदर लेने की क्षमता नहीं है।

इस पर सागर थोड़ा नाराज़ हो गया और कपड़े पहनने लगा।
अभी मुझे चुदास चढ़ी थी और वो बीच में ही मुझे छोड़ कर जाने लगा तो मैंने उसको बहुत मनाया.
लेकिन वो नहीं माना.

तो मैंने उसका दिल रखने के लिए बोल दिया- चलो ठीक है. मेरी चूत ही मार लो मुझे बांध कर … जैसा तुम्हें पसंद है।

अब उसने कुछ सोचा और फिर से अपने कपड़े उतार कर मुझे लेटने को बोला।

उसने पहले मेरी आँखों पर पट्टी बांधी और फिर मेरे दोनों हाथों को फिर उसने मेरे मुंह में कपड़ा ठूंस कर मेरी टांगें भी बेड के सिरहाने बांध दिया।

अब मेरी गांड ऊपर हो गयी तो मुझे समझ आया कि ये तो मुझे बांध कर मेरी गांड ही मारेगा।
मैंने हिलने की कोशिश की लेकिन उसने मुझे बांधा था इसी लिए कुछ नहीं कर पाई।

उसने वहीं पास में रखे तेल की शीशी को उठाया और मेरी पूरी गांड पर तेल मला और छेद में भी डाला.
उसके बाद अपना लौड़ा मेरी गांड के छेद पर फिट किया और एक ज़ोर का धक्का लगाया.
तो मैं एकदम से तड़पने लगी.

लेकिन सागर नहीं रुका और अपने लन्ड को पकड़ कर धक्के पर धक्के मारने लगा.
इधर मेरी हालत एकदम खराब हो गयी। मेरी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा और सब कुछ घूमने लगा।

अब कुछ ही देर में मैं बेहोश हो गयी.
कुछ मिनट बाद मेरी आँख खुली तो मेरी गांड में बहुत जोर का दर्द हो रहा रहा और जलन भी! और खून भी निकलने लगा था.

लेकिन अब तक सागर का पूरा लन्ड मेरी गांड के आर पार हो गया था और वो मुझे चोदे जा रहा था।
कुछ देर बाद सागर ने अपना लौड़ा मेरे अंदर से निकाल लिया और मुझे खोल दिया.

अब मैं गांड के बल बैठ भी नहीं पा रही थी, इतना दर्द हो रहा था मुझे!
तो सागर ने मुझे दो पैग नीट दारू पिला दी जिससे मेरी सिर एकदम से घूम गया और मेरी गांड का दर्द जैसे गायब से हो गया।

अब सागर मुझे गोद में उठाकर बाथरूम ले गया. वहां उसने मुझे नहलाया और फिर बेड की चादर बदल दिया क्योंकि उसपे खून लग गया था।

सागर ने मुझे फिर एक पैग पिलाया और मुझे लिटा कर मेरी चूत चाटने लगा।
अब दारू की खुमारी और चूत चटाई ने मेरे अंदर फिर से उतेजना भर दी.
एक बार फिर मैं उत्तेजना भरी सिसकारियाँ भरने लगी- उफ़्फ़ उफ़ उई मा … आह आह आह उफ़्फ़ हह यस आह आ ओह्ह आह उई मा!

कुछ देर बाद मैं उठी और सागर को पकड़ कर बेड पर लिटा दिया. दारू की बोतल उठा कर मैं उसके लन्ड पर दारू डाल कर पीने लगी.
उसके बाद काफी देर तक सागर का लौड़ा मैंने अपने मुंह में लेकर चूसा.

जिसके बाद सागर मुझे उठाकर बाहर हाल में ले गया और मुझे सोफे पर लिटा कर मेरी चूत में लन्ड डाल कर मुझे पेलने लगा।

अब मुझे इस वक्त चुदने और नशे के अभाव में दर्द महसूस नहीं हो रहा था, बस चुदवाने की भूख थी.
मेरी सिसकारियाँ ‘हह यस आई लाइक इट … ओह्ह फ़क आह … हह उफ़्फ़ उई मा आह आह आह उफ़्फ़फ़ हह उ ई मा और तेज़ और तेज़ आह आह!’ पूरे घर में गूँजने लगी.

फिर सागर ने मुझे उठाया और खुद सोफे पर बैठकर मुझे अपने ऊपर बिठा लिया।
मैं सीधे जाकर उसके खड़े लन्ड पर अपनी चूत रख कर बैठ गई और अपनी गांड उचका उचका कर सागर से चुदवाने लगी।

मेरी हवा में झूलती हुई चूचियों को कभी वह अपने दोनों हाथों से दबाता तो कभी वह अपने होठों से उनको चूसता उनके निपल्स को चूसता।

कुछ देर बाद सागर नीचे लेट गया और मुझे सिक्सटी नाइन की पोजीशन में अपने ऊपर लिटा लिया.
उसके लन्ड में मेरी चूत की महक मुझे पागल बना रही थी।
सागर मेरी चूत को चाटने लगा, मानो वो उसमें ही घुस गया हो।

अब 15 मिनट तक इसी पोजीशन में मजा लेने के बाद सागर का लन्ड अकड़ा और मेरे मुंह में एक जोर की पिचकारी मारी.
उधर मेरी चूत भी झड़ गई.
सागर के लन्ड का पानी पूरा मैंने पी लिया और मेरी चूत का रास भी सागर पी गया।

कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे उसके बाद मैं सागर के तरफ मुंह करके उसके ऊपर ही लेट गई.
और वो भी मेरे बालों और चूचियों को और मेरी गांड को दबाता, मारता हुआ लेटा रहा।

कुछ देर बाद जब मैंने सागर से समय पूछा तो उसने बताया रात के 3:00 बजे हैं।

बातें करते हुए हम दोनों नंगे सो गए।

सुबह फ़ोन बज रहा था मेरा तो उसी से मेरी आँख 09:00 बजे खुली.

वो मम्मी का फ़ोन था.
उन्होंने पूछा- फोन क्यों नहीं उठाया?
तो मैंने बोला- सो रही थी.

फिर कुछ देर बाद मैंने फ़ोन रख दिया।

अब सागर के होठों पर होट रख कर चूमने लगी तो सागर की भी आंख खुल गई.
वह मेरी गांड को दबाने लगा और धीरे-धीरे उसका लन्ड भी टाइट होने लगा जो कि मेरी चूत में गड़ने लगा.

उसको चूमने के बाद मैं थोड़ा नीचे हुई उसके पूरे शरीर को और उसके निप्पलों को चूसते, चूमते हुए नीचे तक आई और 69 पोजीशन में आकर मैं उसके खड़े लन्ड को चूसने लगी.
वह मेरी चूत मैं अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा।

अब सागर ने मुझे अपनी तरफ किया और मुझे हल्का सा उठाकर मेरी चूत में अपना लन्ड घुसा दिया.
मैं अपनी गांड उचका उचका कर सागर से अपनी चूत मरवाने लगी।

मेरी सिसकारियां ‘उफ़ आह आह आह फ़क मी … ओह यस आह … और ज़ोर से फाड़ दो मेरी चूत!’ सागर में और जोश भर रही थी.
जिससे उसके झटके और ज़ोर से मेरी चूत के अंदर तक पड़ने लगे।

15 मिनट बाद सागर खड़ा हुआ और मुझे सोफे पर पैर मोड़ कर बिठा दिया और पीछे से जैसे उसने मेरी गांड में लन्ड डाला.
मुझे बहुत तेज़ का दर्द हुआ तो मैं चिल्ला दी.
लेकिन सागर ने एक ही झटके में अपना पूरा लन्ड मेरी गांड में उतार दिया था.
फट फट की आवाज़ निकलने लगी जब सागर पीछे से मेरी गांड मारने लगा।

कुछ देर बाद वो मुझे अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में लेकर आया. मुझे बेड पर लिटा कर मेरी दोनों टांगों को ऊपर करके पहले तो मेरी चूत बजाई और फिर गांड!

इसके बाद सागर मुझे सीधा लिटा कर मेरी दोनों टांगों को फैला कर मेरी फुद्दी पर ट्रेन की रफ्तार से सवार हो गया.
तकरीबन 20 मिनट तक लगातार ज़ोर के झटके देने के बाद सागर मेरे पेट के ऊपर आ गया और मेरी दोनों चूचियों के बीच में अपना लन्ड डाल कर मानो चोदने सा लगा.
उसका लन्ड मेरे मुंह तक आ रहा था जिसके टोपे पर मैं अपने होंठ भी छुआ रही थी।

दस मिनट बाद सागर का लावा फूटा.
उसने अपना सारा माल मेरे मुंह पर … और थोड़ा मेरे मुंह के अंदर … बाकी मेरी चूचियों पर चुवा दिया.

इसके बाद वो सीधे लेट गया और मैंने उसके लन्ड को चूस कर साफ कर दिया।

कुछ देर बाद मैं उठी और नहा कर हम दोनों के लिए नाश्ता बनाने लगी.
सागर भी नहा लिया और हमने साथ मिल कर नाश्ता किया।

मित्रो, आपको इस गांड मारी स्टोरी में काफी मजा आया होगा. तो कमेंट्स अवश्य कीजिएगा.

गांड मारी कहानी जारी रहेगी.

इस कहानी का अगला भाग: मेरे चोदू यार का लंड घर में सभी के लिए- 4

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